khoj (search)

खुद में तलाशा खुद को कभी तो
कभी प्रतिबिम्ब मिले कभी परछाइयाँ

कहीं एकाकीपन के समग्रित गुच्छे
और कहीं अवशेषों से मंथनित रिक्त स्थल

यादों थे भटकते अहसास
अथवा प्रश्न प्रतिध्वनि कोलाहल

 

 


— बाकी किसी और समय

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